Sunday, January 30, 2011

विपक्ष से मुकाबले की तैयारियों में जुटी सरकार


लखनऊ आगामी चार फरवरी से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र के मद्देनजर विपक्ष ने जहां राज्य की बसपा सरकार को घेरने की रणनीति बनानी शुरू की दी है वहीं इससे सजग सत्तारूढ़ दल ने भी विपक्ष के वार को भोथरा करने के लिए अपने सियासी योद्धाओं की लगाम कस दी है। सरकार का प्रयास सदन में हमलावर विपक्ष के तरकश से निकलने वाले सभी तीरों को बेअसर करना है। इसके लिए जहां मंत्रियों को संभावित ऐसे मुद्दों की पुख्ता काट के फरमान जारी कर दिए हैं जो सत्र में सरकार की परेशानी का सबब बन सकते हैं। मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर सरकार ने सभी प्रमुख सचिवों को एक परिपत्र जारी किया है, जिसमें उनसे कहा है वे अपने विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को चिंहित कर लें जिनके सदन के भीतर उठने की संभावना हो। ऐसे मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों की टिप्पणी भी मांगी गई है ताकि सरकार सदन के लिए जवाब तैयार कर सकें। सरकार इस बार कोई जोखिम लेने को तैयार नहीं है। इसके पीछे सरकार की यह सोच है कि अब जबकि राज्य में विधानसभा चुनावों की दुदंभी बजनी शुरू हो गई है जरा सी चूक जनता में गलत संदेश जाने के लिए काफी हो सकती है। अत: किसी भी कोण से सरकार विपक्ष को हमलावर होने देने के मूड में नहीं हैं। यही वजह है कि प्रश्न प्रहर में सदस्यों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों के जवाब को इस बार मुख्यमंत्री मायावती के नजरों से गुजरने के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। इस आशय के आदेश विभागीय अधिकारियों को जारी किए जा चुके हैं। सभी विभागों को सदस्यों के सवालों के जवाब दो दिन पहले मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि संबंधित विभागों से सदन में सदस्यों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों के जवाब समय से प्राप्त नहीं होते, जिसके कारण मुख्यमंत्री को इन्हें देखने का समय नहीं मिल पाता है। इसलिए सवालों के जवाब दो दिन पूर्व मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराए जाएं। कमोवेश ऐसा ही निर्देश सदस्यों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए शून्य प्रहर में दिए जाने वाले नोटिस के संबंध में जारी किया गया है। सरकार को शून्य प्रहर में ही सदस्यों के नोटिसों जवाब देना होता है। अत: सरकार की तरफ से कहा गया है कि सदस्यों द्वारा जो नोटिस दी जाएं, उनकी जानकारी शून्य प्रहर शुरू होने से पूर्व हर संसदीय कार्यमंत्री को उपलब्ध करा दी जाए। मुख्यमंत्री मायावती से संबंधित विभागों के सवालों का जवाब देले के लिए राज्य के आधा दर्जन मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है। गृह, गोपन, सतर्कता, सामान्य प्रशासन, सचिवालय प्रशासन, नियुक्ति, कार्मिक, न्याय, नियोजन, विधायी,औद्योगिक विकास, प्रोटोकाल, खाद्य प्रसंस्करण, नागरिक उड्डयन, धार्मिक कार्य विभाग के जवाब संसदीय कार्यमंत्री लाल जी वर्मा देंगे। राज्य संपत्ति, वाह्य सहायतित परियोजना, प्रशासनिक सुधार विभाग नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पुनर्गठन समन्वय, राजनीतिक पेंशन, भाषा एवं सूचना रामवीर उपाध्याय, कारागार प्रशासन, नागरिक सुरक्षा, कार्यक्रम क्रियान्वयन, राष्ट्रीय एकीकरण, सूचना प्रोद्योगिकी, महिला कल्याण, विकलांग कल्याण, सैनिक कल्याण विभाग इंद्रजीत सरोज, समन्वय, सार्वजनिक उद्यम, अर्थ-संख्या ठाकुर जयवीर सिंह तथा मुस्लिम वक्फ विभाग से संबंधित सवालों के जवाब तैयार करने की जिम्मेदारी शहजिल इस्लाम को सौंपी गई है।


No comments:

Post a Comment