Wednesday, February 15, 2012

पीएम ने युवाओं को दिया नौकरी का भरोसा

प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने कहा है कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है। भारतीय श्रम सम्मेलन में उन्होंने कहा कि युवाओं को अधिकाधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उनके कौशल को भी बढ़ाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने माना कि युवाओं का कौशल बढ़ाने का काम धीमी गति से चल रहा है और इस गति को तेज करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए हर साल रोजगार के अधिक और अच्छे अवसर सुलभ कराना हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संभव है कि जब हम अपने युवाओं को उन क्षेत्रों में दक्ष बनाएंगे जो देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अल्पकालिक श्रमिकों को भी पूर्णकालिक श्रमिकों जैसी सुविधाएं दिलाने के लिए भी सरकार काम कर रही है। डा. मनमोहन सिंह ने कहा कि वर्ष 2004 से अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार की वजह से देश में कौशल विकास प्रक्रि याओं की खामियां भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि तेज आर्थिक वृद्धि की राह में कौशल विकास एक बड़ी बाधा है और इससे उबरना भी बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कौशल रफ्तार को तेज करने के लिए निजी क्षेत्र को ज्यादा दिलचस्पी लेनी होगी। गरीब छात्रों को सीखने के लिए आर्थिक मदद की वकालत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इसे उचित नहीं समझते कि कौशल निखारे बिना ही युवा रोजी-रोटी के जुगत में लग जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए उद्योग और सरकार दोनों को मिलकर काम करना होगा। प्रधानमंत्री ने इस बात का अध्ययन करने की भी जरूरत बताई कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि देश का नियामक तंत्र श्रम कल्याण में वास्तविक योगदान देने की बजाय हमारे विकास, रोजगार के अवसर और उद्योग के बढ़ने में आड़े आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे प्रावधान लाने पर विचार कर रही है जिससे अल्पकालिक श्रमिकों को पूर्णकालिक श्रमिकों के सभी लाभ मिलें। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके लिए अगर विधायी संशोधनों की आवश्यकता होगी तो हम उसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने बताया कि इसे वास्तविकता में बदलने के लिए इसके प्रारूप पर काम चल रहा है। उन्होंने इस पर खुशी जताई कि अब राज्य सरकारें श्रम संबंधी कानूनों को लेकर लचीला रुख अपना रही हैं जिससे श्रमिकों के हितों को अच्छा संरक्षण हो रहा है। प्रधानमंत्री डा. सिंह ने कहा कि सरकार श्रम कानूनों को मजबूत बनाने और उन्हें लागू करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री अधिनियम-1948 में संशोधन किए जाने की प्रक्रि या जारी है। देश की वृद्धि दर 9प्रतिशत तक ले जाने की अपनी इच्छा को जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को तभी पाया जा सकता है जब नियोक्ता और श्रमिक मिलकर काम करें। उन्होंने एक आधुनिक एवं औद्योगिक होती अर्थव्यवस्था के निर्माण और इसके त्वरित एवं समावेशी विकास के लिए देश में बेहतर औद्योगिक संबंधों को जरू री बताते हुए उद्योग, श्रमिक और सरकार से परस्पर साझेदारी की भावना से काम करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि अब न्यूनतम 10 कर्मचारी रखने वाले प्रतिष्ठानों में भी ईएसआईसी की सेवाओं का लाभ देना अनिवार्य कर दिया गया है।

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