Thursday, November 24, 2011

पहले जैसे नहीं रहे माया-मुलायम


दिल्ली में प्रणब मुखर्जी जिस समय मुलायम सिंह से मुलाकात को बेकरार थे, उसी समय बहराइच में रैली कर रहे राहुल गांधी सपा सुप्रीमो के साथ साथ मुख्यमंत्री मायावती पर गुस्सा जाहिर करते हुए यह कह रहे थे कि इन नेताओं का अब जनता से जुड़ाव नहीं रहा और यही वजह है कि उन्हें इस सूबे की हालत पर गुस्सा नहीं आता। उत्तर प्रदेश में मिशन-2012 पर निकले राहुल ने बहराइच में बुधवार को विभिन्न स्थानों पर जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा, मायावती को मालूम ही नहीं है कि प्रदेश में क्या हो रहा है। वह गांव नहीं जातीं, बाहर नहीं निकलती। आपके घर का खाना नहीं खातीं। यही हाल मुलायम सिंह जी का भी है। जब तक आपके नेता आपके घर नहीं जाएंगे, आपका खाना नहीं खाएंगे, आपका पानी नहीं पिएंगे तब तक उनको गरीबी का दर्द समझ नहीं आएगा। उन्होंने कहा, जब मैं आपके बीच जाता हूं और खाना खाता हूं तो विपक्षी दलों के नेता मेरा मजाक उड़ाते हैं। वे टीवी स्टूडियो में बैठकर भाषण देते हैं कि राहुल ड्रामा करता है। यह ड्रामा मैं सात साल से कर रहा हूं और सारी जिंदगी करता रहूंगा। राहुल ने कहा, जनसंपर्क कर अवाम की दिक्कतों के बारे में जानने का गुर उन्होंने अपनी दादी इंदिरा गांधी से सीखा है। कांग्रेस महासचिव ने कहा, दलितों और निर्धन लोगों के घर में खाना खाने से कई बार उन्हें पेट संबंधी दिक्कतें भी हुई लेकिन वह यह क्रम जारी रखेंगे, क्योंकि गांव के लोग भी वही भोजन करते हैं। राहुल ने कहा, विपक्षी दलों के लोग मुझे बच्चा कहते हैं। हो सकता है कि मुझमें अनुभव की कमी हो लेकिन इतना जरूर जानता हूं कि हिन्दुस्तान में एक भी सवाल ऐसा नहीं है कि जिसका जवाब जनता के पास नहीं हो। गांव का मजदूर, गरीब सब कुछ जानता है। उन्होंने कहा, नेता और जनता के बीच पार्टनरशिप होनी चाहिए, लेकिन यहां बसपा और अफसरों के बीच साझेदारी चल रही है। आप हमें मौका दीजिए, हम प्रदेश को सबसे आगे पहुंचा देंगे। बाराबंकी से मंगलवार को अभियान शुरू करने वाले राहुल ने बहराइच में जनसभाओं के साथ रोड शो भी किया। लोगों से बातचीत करने के साथ ही गन्ने के खेत में खाना भी खाया।

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