Wednesday, March 14, 2012

पंजाब में बादल फटे तो बह गई कांग्रेस


पंजाब में प्रकाश सिंह बादल की अगुआई वाले अकाली दल-भाजपा गठबंधन ने सत्ता विरोधी रुझानों को दरकिनार करते हुए स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता पर कब्जा बरकरार रखा। बादल ने जोरदार प्रदर्शन कर कांग्रेस को करारा झटका ही नहीं दिया बल्कि दूसरी बार सत्ता में वापसी की है, जो अपने आप में एक इतिहास है। चार दशक में कोई भी दल लगातार दूसरी बार सत्ता पर काबिज नहीं हो सका है। नई सरकार के शपथ-ग्रहण से पहले गुरुवार को अकाली दल और भाजपा के बीच बैठक की उम्मीद है। राज्य की 117 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में अकाली-भाजपा गठबंधन ने 68 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। अकाली दल को 56 सीटों पर विजय हासिल हुई है तो भाजपा को 12 सीटों पर फतह मिली है। कांग्रेस तमाम कोशिशों के बावजूद 46 सीटों पर आकर सिमट गई। तीन सीटें अन्य उम्मीदवारों के खाते में गई हैं। पीपीपी एक भी सीट नहीं जीत सकी है और इस हार से यह साफ हो गया है पंजाब में तीसरा मोर्चा फिलहाल दूर की कौड़ी है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लांबी क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार व अपने चचेरे भाई महेशिंदर सिंह बादल को 24,739 मतों से पराजित किया। जलालाबाद सीट पर सुखबीर बादल ने निर्दलीय उम्मीदवार को 50,246 मतों से हराया। भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू की पत्‍‌नी नवजोत कौर सिद्धू ने अमृतसर पूर्व से जीत हासिल की है। पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी व अकाली दल के प्रत्याशी परगट सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी जगबीर सिंह बरार को 6798 मतों से हराया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पटियाला शहरी क्षेत्र जीत गए, जबकि उनके बेटे रनिंदर सिंह समाना से चुनाव हार गए। प्रकाश सिंह बादल (84) ने अपने पुत्र सुखबीर के साथ बादल गांव स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा, मैं पंजाब की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने मुझमें दोबारा विश्वास दिखाया। पिता-पुत्र ने कहा, हम राज्य में शांति एवं विकास का एजेंडा लेकर लोगों के पास गए। मैं खुश हूं कि हम उनकी उम्मीदों पर खरा उतरे। वहीं, अमरिंदर सिंह ने नतीजों पर हैरानी जताते हुए कहा, मैं हार की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। नतीजे चौंकाने वाले हैं। उन्होंने कहा, देखेंगे कि कहां गलती हुई।

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