नई दिल्ली (एसएनबी)। देश व राजधानी के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों डीयू व जेएनयू में छात्र संघ चुनाव एक साथ शुक्रवार को होने जा रहे हैं। दोनों विश्वविद्यालयों में हजारों मतदाता मतदान के जरिए यह तय करेंगे कि उनका नेता कौन होगा। डूसू चुनाव में सेंट्रल पैनल की चार सीटों के लिए जहां 38 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, वहीं जेएनयूएसयू चुनाव में सेंट्रल पैनल की 4 सीटों के लिए 28 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। डूसू चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए 13, उपाध्यक्ष पद के लिए 7 और सचिव व संयुक्त सचिव पद के लिए 9-9 प्रत्याशी मैदान में हैं। जबकि जेएनयूएसयू चुनाव में अध्यक्ष सीट के लिए 11, उपाध्यक्ष सीट के लिए 5, जनरल सेक्रेटरी सीट के लिए 6 व संयुक्त सचिव सीट के लिए 6 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। डीयू में डूसू चुनाव के साथ ही जहां कॉलेज यूनियन के भी चुनाव होंगे, वहीं जेएनयूएसयू चुनाव में 11 स्कूलों की 30 काउंसलर सीटों के लिए 82 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। डूसू चुनाव के लिए इस बार 86 हजार मतदाता हैं और जेएनयूएसयू चुनाव के लिए 7428 मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे। डूसू चुनाव के लिए 50 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं जबकि जेएनयूएसयू चुनाव के लिए 4 पोलिंग सेंटर। डूसू चुनाव के लिए प्रात: कॉलेजों में सुबह 8.30 से दोपहर 12.30 बजे तक मतदान होगा, जबकि सांध्य कॉलेजों में दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक मतदान होगा। इसी तरह, जेएनयूएसयू चुनाव के लिए सुबह 9 से दोपहर 1 और दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक विद्यार्थी मतदान कर सकेंगे। डूसू चुनाव के लिए जहां 984 ईवीएम के माध्यम से मतदान किया जाएगा, वहीं जेएनयूएसयू चुनाव में मतदान के लिए बैलेट बॉक्स का ही इस्तेमाल किया जाएगा। डूसू चुनाव की मतगणना शनिवार सुबह 7.45 बजे से नॉर्थ कैंपस के कान्फ्रेंस सेंटर में शुरू होगी। वहीं, जेएनयूएसयू चुनाव में शुक्रवार की शाम मतदान खत्म होने के बाद रात 9 बजे से ही मतगणना शुरू हो जाएगी। मतगणना स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में होगी। डूसू व जेएनयूएसयू चुनाव के लिए दोनों विश्वविद्यालयों की चुनाव कमेटियों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। डूसू चुनाव के रिटर्निग ऑफिसर डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि चुनाव के लिए कॉलेज स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के अलावा कैंपस में चार बड़े कैमरे लगाए गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया के खत्म होने तक हर पल की रिकॉर्डिग करेंगे। डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि इसके अलावा 32 ऑब्जर्बर तैनात किए गए हैं, ये मतदान प्रक्रिया पर अपनी नजर रखेंगे। 12 नियंतण्रकक्ष भी बनाए गए हैं। इनमें ईसीआईएल के 12 इंजीनियर्स रहेंगे, जो ईवीएम में किसी तरह की खराबी आने पर उसे ठीक करेंगे। डूसू चुनाव में कुल 9 संवेदनशील मतदान केन्द्र हैं, जहां चुनाव प्रक्रिया के दौरान कड़ी नजर रहेगी। इनमें शहीद भगत सिंह कॉलेज प्रात: व सांध्य, अरविंदो कॉलेज प्रात: व सांध्य, रामानुजन कॉलेज, पीजीडीएवी सांध्य व दयाल सिंह कॉलेज सांध्य के अलावा लॉ सेंटर एक व दो शामिल हैं। डूसू चुनाव के प्रत्याशी एनएसयूआई : अध्यक्ष-अरुण हुड्डा, उपाध्यक्ष-वरुण खारी, सचिव-वरुण चौधरी, संयुक्त सचिव-रवीना चौधरी। एबीवीपी : अध्यक्ष-अंकित धनंजय चौधरी, उपाध्यक्ष-गौरव चौधरी, सचिव- रितु राणा, संयुक्त सचिव-विशु बसोया आइसा : अध्यक्ष-निकिता सिन्हा, उपाध्यक्ष-कुमार अंकित, सचिव-निशांत कुमार, संयुक्त सचिव-आदित्य बिक्रम सिंह । एसएफआई : अध्यक्ष-कमल कुमार आर्य, उपाध्यक्ष-मोहित, सचिव-प्रांजल पांडेय व संयुक्त सचिव-अक्षय भल्ला। एआईएसएफ : अध्यक्ष-नेहा निकिता, सचिव-पवन कुमार कुशवाहा, संयुक्त सचिव-त्रिलोक रावत। इनसो : अध्यक्ष-साक्षी घई, उपाध्यक्ष-मोहित राणा, सचिव-सावन पांचाल, संयुक्त सचिव-मनीष चंदेला। जेएनयूएसयू चुनाव के प्रत्याशी आइसा : अध्यक्ष-ओम प्रसाद, उपाध्यक्ष- मिनाक्षी, जनरल सेक्रेटरी-शकील अंजुम, संयुक्त सचिव-पीयूष राज एसएफआई : अध्यक्ष-कोपल, उपाध्यक्ष-सिद्दिक रबियार, संयुक्त सचिव- सैमुअल मैथ्यू फिलिप। एसएफआईजेएनयू-अध्यक्ष-वी लेनिन कुमार, एआईएसएफ-उपाध्यक्ष-राहुल कुमार मौर्या, जनरल सेक्रेटरी-कुंवर सुधांशु लाल, एसएफआई-जेएनयू संयुक्त सचिव-रूचिरा सेन एनएसयूआई : अध्यक्ष-इकबाल सिंह संधू, उपाध्यक्ष-नीलम पुनिया, जनरल सेक्रेटरी-शशिकांत पांडेय व संयुक्त सचिव- संदीप त्रिपाठी एबीवीपी : अध्यक्ष-रश्मिनी कोपारिकर व जनरल सेक्रेटरी-संदीप कुमार सिंह डूसू के 4 पदों के लिए 38 प्रत्याशी मैदान में जेएनयूएसयू चुनाव में भी इतने ही पदों के लिए 28 प्रत्याशी हैं मैदान में
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Friday, September 14, 2012
डूसू व जेएनयू में छात्र आज चुनेंगे अपना नेता
नई दिल्ली (एसएनबी)। देश व राजधानी के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों डीयू व जेएनयू में छात्र संघ चुनाव एक साथ शुक्रवार को होने जा रहे हैं। दोनों विश्वविद्यालयों में हजारों मतदाता मतदान के जरिए यह तय करेंगे कि उनका नेता कौन होगा। डूसू चुनाव में सेंट्रल पैनल की चार सीटों के लिए जहां 38 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, वहीं जेएनयूएसयू चुनाव में सेंट्रल पैनल की 4 सीटों के लिए 28 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। डूसू चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए 13, उपाध्यक्ष पद के लिए 7 और सचिव व संयुक्त सचिव पद के लिए 9-9 प्रत्याशी मैदान में हैं। जबकि जेएनयूएसयू चुनाव में अध्यक्ष सीट के लिए 11, उपाध्यक्ष सीट के लिए 5, जनरल सेक्रेटरी सीट के लिए 6 व संयुक्त सचिव सीट के लिए 6 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। डीयू में डूसू चुनाव के साथ ही जहां कॉलेज यूनियन के भी चुनाव होंगे, वहीं जेएनयूएसयू चुनाव में 11 स्कूलों की 30 काउंसलर सीटों के लिए 82 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। डूसू चुनाव के लिए इस बार 86 हजार मतदाता हैं और जेएनयूएसयू चुनाव के लिए 7428 मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे। डूसू चुनाव के लिए 50 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं जबकि जेएनयूएसयू चुनाव के लिए 4 पोलिंग सेंटर। डूसू चुनाव के लिए प्रात: कॉलेजों में सुबह 8.30 से दोपहर 12.30 बजे तक मतदान होगा, जबकि सांध्य कॉलेजों में दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक मतदान होगा। इसी तरह, जेएनयूएसयू चुनाव के लिए सुबह 9 से दोपहर 1 और दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक विद्यार्थी मतदान कर सकेंगे। डूसू चुनाव के लिए जहां 984 ईवीएम के माध्यम से मतदान किया जाएगा, वहीं जेएनयूएसयू चुनाव में मतदान के लिए बैलेट बॉक्स का ही इस्तेमाल किया जाएगा। डूसू चुनाव की मतगणना शनिवार सुबह 7.45 बजे से नॉर्थ कैंपस के कान्फ्रेंस सेंटर में शुरू होगी। वहीं, जेएनयूएसयू चुनाव में शुक्रवार की शाम मतदान खत्म होने के बाद रात 9 बजे से ही मतगणना शुरू हो जाएगी। मतगणना स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में होगी। डूसू व जेएनयूएसयू चुनाव के लिए दोनों विश्वविद्यालयों की चुनाव कमेटियों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। डूसू चुनाव के रिटर्निग ऑफिसर डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि चुनाव के लिए कॉलेज स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के अलावा कैंपस में चार बड़े कैमरे लगाए गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया के खत्म होने तक हर पल की रिकॉर्डिग करेंगे। डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि इसके अलावा 32 ऑब्जर्बर तैनात किए गए हैं, ये मतदान प्रक्रिया पर अपनी नजर रखेंगे। 12 नियंतण्रकक्ष भी बनाए गए हैं। इनमें ईसीआईएल के 12 इंजीनियर्स रहेंगे, जो ईवीएम में किसी तरह की खराबी आने पर उसे ठीक करेंगे। डूसू चुनाव में कुल 9 संवेदनशील मतदान केन्द्र हैं, जहां चुनाव प्रक्रिया के दौरान कड़ी नजर रहेगी। इनमें शहीद भगत सिंह कॉलेज प्रात: व सांध्य, अरविंदो कॉलेज प्रात: व सांध्य, रामानुजन कॉलेज, पीजीडीएवी सांध्य व दयाल सिंह कॉलेज सांध्य के अलावा लॉ सेंटर एक व दो शामिल हैं। डूसू चुनाव के प्रत्याशी एनएसयूआई : अध्यक्ष-अरुण हुड्डा, उपाध्यक्ष-वरुण खारी, सचिव-वरुण चौधरी, संयुक्त सचिव-रवीना चौधरी। एबीवीपी : अध्यक्ष-अंकित धनंजय चौधरी, उपाध्यक्ष-गौरव चौधरी, सचिव- रितु राणा, संयुक्त सचिव-विशु बसोया आइसा : अध्यक्ष-निकिता सिन्हा, उपाध्यक्ष-कुमार अंकित, सचिव-निशांत कुमार, संयुक्त सचिव-आदित्य बिक्रम सिंह । एसएफआई : अध्यक्ष-कमल कुमार आर्य, उपाध्यक्ष-मोहित, सचिव-प्रांजल पांडेय व संयुक्त सचिव-अक्षय भल्ला। एआईएसएफ : अध्यक्ष-नेहा निकिता, सचिव-पवन कुमार कुशवाहा, संयुक्त सचिव-त्रिलोक रावत। इनसो : अध्यक्ष-साक्षी घई, उपाध्यक्ष-मोहित राणा, सचिव-सावन पांचाल, संयुक्त सचिव-मनीष चंदेला। जेएनयूएसयू चुनाव के प्रत्याशी आइसा : अध्यक्ष-ओम प्रसाद, उपाध्यक्ष- मिनाक्षी, जनरल सेक्रेटरी-शकील अंजुम, संयुक्त सचिव-पीयूष राज एसएफआई : अध्यक्ष-कोपल, उपाध्यक्ष-सिद्दिक रबियार, संयुक्त सचिव- सैमुअल मैथ्यू फिलिप। एसएफआईजेएनयू-अध्यक्ष-वी लेनिन कुमार, एआईएसएफ-उपाध्यक्ष-राहुल कुमार मौर्या, जनरल सेक्रेटरी-कुंवर सुधांशु लाल, एसएफआई-जेएनयू संयुक्त सचिव-रूचिरा सेन एनएसयूआई : अध्यक्ष-इकबाल सिंह संधू, उपाध्यक्ष-नीलम पुनिया, जनरल सेक्रेटरी-शशिकांत पांडेय व संयुक्त सचिव- संदीप त्रिपाठी एबीवीपी : अध्यक्ष-रश्मिनी कोपारिकर व जनरल सेक्रेटरी-संदीप कुमार सिंह डूसू के 4 पदों के लिए 38 प्रत्याशी मैदान में जेएनयूएसयू चुनाव में भी इतने ही पदों के लिए 28 प्रत्याशी हैं मैदान में
समय पर ही होंगे लोस चुनाव : कांग्रेस
नई दिल्ली (एजेंसी)। कांग्रेस ने इन अटकलों को गलत बताया कि लोकसभा चुनाव समय से पहले हो सकते हैं। कांग्रेस के प्रवक्ता राशिद अल्वी ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं के सवालों पर कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करेगी और लोकसभा चुनाव निर्धारित समय पर ही होंगे। उनसे समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के इस बयान पर प्रतिक्रिया पूछी गई थी कि लोकसभा चुनाव 2014 से पहले हो सकते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि श्री यादव की अपनी सोच है। इस सवाल पर कि क्या श्री यादव अगले चुनाव में प्रधानमंत्री बनने की संभावना तालाश रहे हैं, अल्वी ने कहा कि देश मे हर नागरिक को ऐसा सपना देखने और उसके लिए कोशिश करने का हक है। प्रधानमंत्री बेदाग हैं : कोयला आवंटन मुद्दे पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कैग कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सरकार को हुए नुकसान को महज अनुमान के आधार पर तय करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बेदाग हैं और कैग रिपोर्ट के आधार पर कोई उन पर उंगली नहीं उठा सकता। अल्वी ने कोयला मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर किसी प्रकार की जिम्मेदारी से इनकार करते हुए कहा कि प्रक्रि यागत और समझौते के उल्लंघन के लिए चार कोयला ब्लाकों के आवंटन को रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई है। अल्वी ने कहा कि कैग को अपने क्षेत्राधिकार में सीमित रहना चाहिए। वह इतना सक्षम नहीं है कि महज अनुमान के आधार पर सरकार के राजस्व को हुए नुकसान को तय कर सके। कैग का काम केंद्र और राज्य सरकार के खातों का आडिट करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर निजी कंपनियां, जिन्हें कोयला ब्लाक मिला है, शतरें का उल्लंघन करती है तो मंत्रालय और मंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। अगर कोई उल्लंघन हुआ है तो सीबीआई इसे देख रही है और इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
चुनाव बाद ही बनेगा तीसरा मोर्चा : मुलायम
जागरण न्यूज नेटवर्क, कोलकाता : समाजवादी पार्टी ने साफ कर दिया कि देश में तीसरे मोर्चे का गठन सन 2014 के लोकसभा चुनाव के नतीजे देखने के बाद किया जाएगा, तब तक समान विचारधारा वाली पार्टियों से मेलमिलाप का दौर चलता रहेगा। कोलकाता में दो दिन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद गुरुवार को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने समय पूर्व लोकसभा चुनाव की संभावना को कमजोर करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसके लिए जिम्मेदार नहीं बनेगी। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को लेकर पार्टी की ओर से बुधवार को आए तल्ख बयान के बाद मुलायम ने भरपाई की कोशिश में कहा, राहुल के लिए हमारी तरफ से शुभकामनाएं हैं। भावी रणनीति को स्पष्ट करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश सहित कई प्रदेशों में अकेले ही चुनाव लड़ेगी। उत्तर प्रदेश में केवल अमेठी और रायबरेली में प्रत्याशी नहीं खड़ा किया जाएगा, क्योंकि कांग्रेस ने कन्नौज में अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था। प्रधानमंत्री पद के सवाल पर मुलायम ने कहा, वह उम्मीदवार नहीं हैं लेकिन अगर मौका मिलेगा तो वह जिम्मेदारी लेने से परहेज भी नहीं करेंगे। उत्तर प्रदेश की सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास कर रही है। बेरोजगारी भत्ता शुरू होने पर युवाओं में उत्साह बढ़ा है। चुनाव घोषणा पत्र में किए गए सभी वादे प्रमुखता के साथ पूरे किए जाएंगे ताकि लोकसभा चुनाव में पार्टी को अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल हो सके। ममता बनर्जी के साथ संबंधों के सवाल पर मुलायम ने कहा कि सुश्री बनर्जी के साथ उनके संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं। वह उनकी छोटी बहन की तरह हैं और जिस तरह वह काम कर रही हैं उसका वह सम्मान करते हैं। राष्ट्रपति चुनाव के समय संबंधों में खटास पैदा होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह अध्याय खत्म हो गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राइटर्स बिल्डिंग जाकर ममता से मुलाकात की। उन्होंने जिस तरह अखिलेश का स्वागत किया, उसके लिए वह ममता बनर्जी को धन्यवाद देते हैं।
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