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Thursday, July 12, 2012

फिदायीन जैसे बलिदानी तैयार करेंगे रामदेव


कालेधन, भ्रष्टाचार एवं अन्यायपूर्ण भ्रष्ट व्यवस्था के विरुद्ध दिल्ली में 9 अगस्त को होने वाले राष्ट्रीय आंदोलन में झारखंड से कम से कम एक लाख लोग भाग लेंगे। मंगलवार को रांची क्लब में भारत स्वाभिमान व पतंजलि योग समिति की कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में 24 जिलों के पांच हजार से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि इस बार केंद्र सरकार को दसों दिशाओं से घेरेंगे। सरकार के पापों का घड़ा भर चुका है। अब फूटने का समय आ चुका है। जब आतंकी संगठन फिदायीन तैयार कर सकते हैं तो हम देश पर मिटने वाले राष्ट्रभक्त बलिदानी क्यों नहीं? बाबा ने युवाओं को भी आह्वान किया और कहा कि लड़का लड़की को भगा ले जा सकता है, लड़की लड़का को भगा ले जा सकती है, हम देश के लिए क्यों नहीं भगा सकते। इस बात पर तो पूरा हॉल ही तालियों से गूंज उठा। बीच-बीच में भजन भी चल रहा था। कोडरमा के कार्यकर्ताओं का उत्साह देख बाबा ने कहा, देश को खंड-खंड होने से बचाएगा झारखंड। इस अवसर पर बाबा ने टाइम पत्रिका पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टाइम जो बात आज कह रहा है, हम बहुत पहले से कहते आ रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था को रसातल में पहंुचा दिया गया है। झारखंड की लड़ाई लड़ेंगे बाबा झारखंड के लोग भगवान बिरसा के जमाने से ही जल, जंगल, जमीन की लड़ाई लड़ रहे हैं। यहां की भू-संपदा लूटी जा रही है। 1895 का बना भू-अधिग्रहण कानून भी अप्रासंगिक हो चुका है। यहां शीघ्र ही हम जल, जंगल, जमीन की लड़ाई शुरू करेंगे। रांची में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बाबा रामदेव ने ये बातें कहीं। बाब ने कहा, किसानों और आदिवासियों को दो सौ साल से लूटा जा रहा है। यहां अरबों-खरबों की भू संपदा हर महीने लूटी जा रही है। इस लूट ने नौ अगस्त की लड़ाई को प्रासंगिक बना दिया है। लोग कहते हैं, भारत गरीब है। जिस देश के पास एक लाख टन सोना है, 100 लाख करोड़ का खनिज हो, एक हजार लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था हो, वह गरीब कैसे हो सकता है? लेकिन पूरी संपत्ति पर एक लाख लोगों का कब्जा है, जिसके कारण यह देश गरीब है। सरकार एफडीआइ के लिए दरवाजा खोल रही है। इसके माध्यम से 25000 करोड़ रुपये देश में आएगा। पर इसकी जरूरत क्या है? देश में सौ हसन अली को पकड़ लो, बेईमान कंपनियों से वसूली करो, कोयला आवंटन में नीलामी में जो राजस्व का घाटा हुआ है, उसकी भरपाई करो तो दूसरे के आगे हाथ फैलाने की जरूरत ही नहीं होगी।

आवंटित अनाज का बंगाल में सदुपयोग नहीं : थामस


गृहमंत्री पी चिदंबरम के बाद अब केंद्रीय खाद्यमंत्री केवी थामस ने भी राज्य की ममता सरकार के खिलाफ मुंह खोला है। उन्होंने यहां कहा कि केंद्र की ओर से आवंटित कुल अनाज का पश्चिम बंगाल सिर्फ 12.6 प्रतिशत हिस्सा ही उठा पाता है। बंगाल में खाद्य संरक्षण की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि 2011-12 में बंगाल के 10 पिछड़े जिलों के लिए 6.56 लाख टन अनाज का आवंटन किया गया था। इसका 12.6 प्रतिशत हिस्सा ही उठाया गया। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि खाद्य भंडारों एवं राशन दुकानों के नवीनीकरण के लिए केंद्र सरकार बंगाल को हरसंभव आर्थिक सहायता देगा। उन्होंने बताया कि पहले देश में कुल 20 करोड़ राशन कार्ड धारक थे। नवीनीकरण के बाद इसकी संख्या घट कर 18 करोड़ रह गई है। 2011-12 में 22 लाख टन चावल और गेहूं का आवंटन किया गया है। वहीं वर्ष 2010-11 में 8.46 टन चावल एवं 6.58 लाख टन गेहूं का आवंटन किया गया था। वह मंगलवार को आइसीसीआर में खाद्य संरक्षण पर आयोजित एक सेमिनार में बोल रहे थे। इसका आयोजन ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआइएस) ने किया था। इस मौके पर राज्यपाल एमके नारायणन, बीआइएस के डायरेक्टर जनरल अलिंदा चंद्रा व वैज्ञानिक पीके गंभीर भी मौजूद थे। केवी थामस ने खाद्य सुरक्षा विधेयक शीतकालीन सत्र में पारित होने की संभावना जताई है। अभी यह विधेयक स्टैंडिंग कमेटी का पास भेजा गया है। प्राथमिक एवं जनरल दो वर्गो में विभाजित इस विधेयक के पारित हो जाने पर ग्रामीण क्षेत्रों में 70 एवं सामान्य क्षेत्रों में 46 प्रतिशत लोगों को लाभ होगा। शहरी क्षेत्र के बीपीएल में 50 प्रतिशत एवं सामान्य में 28 प्रतिशत लोग भी इससे लाभान्वित होंगे। उधर , राज्य के खाद्यमंत्री ज्योति प्रिय मल्लिक ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने गलत तथ्य दिया है। केंद्र सरकार राज्य के साथ असहयोग कर रहा है और केंद्रीय मंत्री कह अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।

चिदंबरम ने आम आदमी पर उतारी खीझ


आम आदमी का साथ देने का वादा कर सरकार बनाने वाली कांग्रेस लगातार आम आदमी पर ही अपनी खीझ उतार रही है। पिछले दिनों गरीबी रेखा को लेकर कठघरे में रही सरकार अब मध्यवर्ग को लेकर विपक्ष के हत्थे चढ़ गई है। गृहमंत्री पी चदंबरम ने कहा, आम आदमी 20 रुपये की आइसक्रीम तो खा सकता है, लेकिन उसे गेहूं में एक रुपये की बढ़ोतरी बर्दाश्त नहीं होती। चिदंबरम की तल्ख व व्यंग्यात्मक टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताते हुए भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि विदेशी चश्मे से चिदंबरम को देश के गरीब और आम आदमी की पीड़ा दिखाई नहीं देती है। आम आदमी का मजाक उड़ाने के लिए चिदंबरम को देश से माफी मांगनी चाहिए। खुर्शीद के राजनीतिक बयान पर उठा उफान ठंडा हो पाता, उससे पहले ही चिदंबरम के ताजा बयान ने नए सिरे से विवाद खड़ा कर दिया। बेंगलूर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए चिदंबरम ने महंगाई के प्रति मध्यमवर्ग के रुख पर एतराज जताते हुए कहा था, हम 15 रुपये देकर पानी की बोतल खरीद सकते हैं, 20 रुपये की आइसक्रीम खा सकते हैं, लेकिन गेहूं और चावल की कीमत एक रुपये बढ़ जाए तो परेशानी होती है। उन्होंने आगे कहा कि सब कुछ मध्यवर्ग के लिहाज से तय नहीं किया जा सकता है। अनाज की खरीद में किसानों को ज्यादा पैसा दिया गया है। बहरहाल, भाजपा चिदंबरम को बख्शने को तैयार नहीं है। शाहनवाज ने कहा, यह वही सरकार है जिसमें 24 रुपये से ज्यादा कमाने वाले को गरीबी रेखा से ऊपर करार दिया गया है। चिदंबरम वातानुकूलित कमरों में रहते हैं और हवाई जहाज से चलते हैं। उन्हें आम आदमी और गरीबों की पीड़ा का अहसास नहीं है। उन्होंने चिदंबरम की इस दलील को भी खारिज किया कि इससे किसानों को लाभ मिल रहा है। शाहनवाज ने कहा कि सच्चाई यह है कि यह सरकार किसानों का हक भी छीन रही है और आम आदमी का भी मजाक उड़ा रही है। उन्होंने आगाह किया कि चिदंबरम माफी मागें।