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Tuesday, May 3, 2011

नीति के लिए पीएम जिम्मेदार


लादेन की मौत पर राजनीतिक चर्चा


अंतरराष्ट्रीय समुदाय विशेष तौर पर पाकिस्तान को ऐसे संगठनों की सभी गतिविधियां पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में मिलकर काम करना चाहिए जो सभ्य समाज के समक्ष खतरा उत्पन्न करते हैं और निर्दोष लोगों की हत्या में संलग्न हैं -मनमोहन सिंह (भारतीय प्रधानमंत्री)
ओसामा का पाकिस्तान में मारा जना यह साबित करता है कि आतंकियों को पाकिस्तान में पनाह मिलती है। इनमें मुंबई हमले को अंजाम देने वाले आतंकी भी हैं -पी चिदंबरम (भारतीय गृह मंत्री)
पाकिस्तान में सीमा पर बरसों से आतंकी ट्रेनिंग सेंटर संचालित किए जा रहे थे। इस बारे में हमने बार-बार पाक सरकार को आगाह किया, लेकिन उनकी ओर से हमेशा ही नकारा जाता रहा। मगर अब लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने से इस बात का खुलासा हो गया कि पाकिस्तान आतंकियों की मदद कर रहा है -रक्षा मंत्री एके एंटनी
ओसामा को राजधानी इस्लामाबाद के ठीक पिछवाड़े में मारा गया। यह इस सचाई का अंतिम सत्यापन है कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है -रविशंकर (भाजपा प्रवक्ता)
अमेरिका कई बार ओसामा को मारने के दावे कर चुका है। ऐसे में कैसे यकीन किया जाए? अमेरिका ने ही लादेन को खड़ा किया था और उसी ने दहशतगर्द करार दे दिया। इस्लाम में आतंकवाद की कोई गुंजाइश नहीं है -मौलाना मुहम्मद इस्लाम कासमी, सदस्य, आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड
हम नहीं जानते कि अमेरिका की नजर में कितने लादेन हैं। हम आतंकवाद का हमेशा विरोध करते आए हैं और मरते दम तक करते रहेंगे। देश व दुनिया में अमन, शांति बरकरार रहे, यही हमारी दुआ है -मुफ्ती अहसान कासमी, दारुल उलूम के फतवा विभाग के अध्यक्ष, देवबंद
ओसामा अमेरिका की पैदावार है। अरब देशों में चल रहे खराब हालात से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए अमेरिका ने यह नया शोशा छोड़ा है। आर्थिक कारणों से पाकिस्तान की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है और अमेरिका के इशारे पर काम करना उसकी मजबूरी है -मौलाना नदीमुल वाजदी, अरबी विद्वान
आतंकवादी का कोई मजहब नहीं होता। हां, जहां तक मुसलमानों का ताल्लुक है तो पैगम्बरे रसूल के उम्मती आतंकवाद के हिमायती नहीं हो सकते। मुसलमानों ने हमेशा ही लादेन की मुखालफत की -मौलाना बदर रजा खां वस्तानवी का नो कमेंट दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना गुलाम मुहम्मद वस्तानवी से जब इस बाबत दैनिक जागरण ने दूरभाष पर संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि फिलवक्त वह देवबंद से बाहर हैं और इस मसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे


2जी : पहले आओ, पहले पाओ की नीति को पीएम का समर्थन


यूनिटेक समूह के प्रबंध निदेशक ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में दावा किया कि 2जी लाइसेंस आवंटन के लिए पहले आओ पहले पाओ की नीति को प्रधानमंत्री का समर्थन हासिल था। चंद्रा चार अन्य दूरसंचार कंपनियों के अधिकारियों के साथ इस घोटाले में जेल में हैं। यूनिटेक वायरलेस (तमिलनाडु) लि. कंपनी के प्रमुख चंद्रा के वकील राम जेठमलानी ने न्यायमूर्ति अजीत भरिहोक की अदालत को बताया कि जहां तक नीति के गठन का सवाल है, इसमें मेरे मुवक्किल का हाथ नहीं है, इसके लिए सरकार का मुखिया जिम्मेदार है। सुप्रीम कोर्ट ने जिस याचिका पर इस मामले की सीबीआइ जांच का आदेश दिया था उसमें आरोप लगाया गया है कि नीलामी प्रक्रिया के बजाय दूरसंचार विभाग (डॉट) ने पहले आओ पहले पाओ की नीति के आधार पर 2001 के मूल्य पर स्पेक्ट्रम दिया। जेठमलानी ने संसद और सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री के भाषण का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के मुखिया ने यूनिफाइड एक्सेस लाइसेंस (यूएएस) देने के लिए एफसीएफएस नीति पर सहमति जताई। जेठमलानी ने चंद्रा को जमानत दिए जाने की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि मेरे मुवक्किल ने प्रधानमंत्री को इस तरह बोलने के लिए नहीं कहा था। यूनिटेक के चंद्रा के अलावा स्वान टेलीकाम के निदेशक विनोद गोयनका और रिलायंस एडीए समूह के तीन शीर्ष अधिकारियों गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपारा और हरी नायर को विशेष अदालत द्वारा 20 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी को खारिज किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है। जेठमलानी ने सीबीआइ के इस दावे को खारिज कर दिया कि चंद्रा ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और उनके निजी सचिव आरके चंदोलिया तथा अन्य के साथ मिलकर इस मामले में आपराधिक षड्यंत्र कर यूनिटेक समूह की कंपनियों के लिए आठ लाइसेंस हासिल किए। उन्होंने कहा कि मुझे कोई लाभ नहीं हुआ बल्कि मैं तो उल्टा मारा गया। मैने कंपनी का एक भी शेयर नहीं बेचा वास्तव में मुझे 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।