Showing posts with label अवनीश त्यागी. Show all posts
Showing posts with label अवनीश त्यागी. Show all posts

Wednesday, June 15, 2011

उमा भारती से सधेंगे कई निशाने


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मंशा के मुताबिक उमा भारती को भाजपा में एडजस्ट कराने में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को भले ही छह महीने मशक्कत करनी पड़ी हो, लेकिन पार्टी साध्वी के सहारे कई निशाने साधने की उम्मीद लगाए है। उमा ही मिशन उप्र में पार्टी का चेहरा होंगी और भाजपा का सत्ता वनवास खत्म कराना पहला टारगेट रहेगा। छह साल पूर्व निष्कासित हुई उमा भारती को यूपी में सक्रिय करने की रणनीति कुछ बड़े नेताओं का विरोध होने के बावजूद यूं ही नहीं बनी है। मिशन दिल्ली विजय के लिए नेतृत्व हर दांव लगाने को तैयार है। फ्रिक, पिछड़े वर्ग की वोटों को लौटाने और ग्रामीण इलाकों में लगातार घट रहे जनाधार को बढ़ाने की भी है। कल्याण सिंह की विदाई के बाद से गड़बड़ाई सोशल इंजीनियरिंग दुरुस्त नहीं हो पाई। खासकर लोध बाहुल्य इलाकों में आउट हो चुकी पार्टी की जड़ें फिर से जमाने का जिम्मा भी उमा पर होगा। मंदिर आंदोलन में भाजपा की रीढ़ रही अतिपिछड़ी जातियों पर बसपा प्रेम हावी है। असली चिंता प्रदेश में कई चेहरे बदलने का प्रयोग करने के बाद भी भाजपा 90 के दशक वाले तेवरों में नहीं लौट पा रही है। गुटबाजी के चलते विधायकों की संख्या घटकर 50 से नीचे पहुंच गई, तो सांसदों की गिनती दस से आगे नहीं बढ़ पा रही है। पिछले कुछ माह से प्रदेशीय नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर भले ही जूझ रहे हो, लेकिन जनता साथ नहीं मिल पा रहा है। इस करिश्मे की आस भी पार्टी उमा भारती से लगाए है। राम मंदिर आंदोलन में अग्रणी रही उमा भारती इस बार गंगा मैया की जयकार करती दिखे, तो अजरज न होगा। पार्टी में वापसी के समय राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गंगा अभियान संयोजक की जिम्मेदारी उमा को सौंपी। मंदिर के बजाए रामराज (सुशासन) लाने की मुहिम जोरों से चलेगी। भ्रष्टाचार और महिला अत्याचार जैसे मुद्दों पर सरकार विरोधी माहौल को भाजपा के पक्ष में लाने का जिम्मा भी उमा पर होगा। प्रदेश प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित का मानना है कि सपा व बसपा के भ्रष्टाचार और कुशासन को उजागर करना अब अधिक आसान होगा। बसपा, सपा और दिग्गी राजा : भाजपाइयों को भरोसा है कि मप्र से दिग्गी राजा की सल्तनत उखाड़ने का श्रेय लेने वाली उमा को अब यूपी में कांग्रेस की वापसी के लिए दिग्विजय सिंह द्वारा तैयार चक्रव्यूह ध्वस्त करना होगा। उमा के जरिए ही भाजपा और संघ पर बढ़ते दिग्गी राजा के हमलों का माकूल जवाब मिल सकेगा। बसपा और कांग्रेस के महिला नेतृत्व पर जवाबी हमले कराने में साध्वी अधिक असरदार साबित होगी। महामंत्री विंध्यवासिनी का कहना है कि विपक्ष पर भाजपा के वार अधिक धारदार और असरदार होंगे।