Showing posts with label १२ जनवरी २०११. Show all posts
Showing posts with label १२ जनवरी २०११. Show all posts

Thursday, January 13, 2011

सस्ते प्याज की सरकारी कोशिशों को झटका

सरकार के लोगों को सस्ती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने की कोशिशों को दिल्ली के आजादपुर मंडी के कारोबारियों ने करारा झटका दिया है। मंडी के कारोबारियों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। इस संबंध में मंगलवार को कारोबारियों की बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार मंडी के प्याज, लहसुन व टमाटर कारोबारी बुधवार से अपने कारोबार को ठप रखेंगे। कारोबारियों का कहना है कि सरकारी एजेंसियां जमाखोरी के नाम पर कारोबारियों के प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर उन्हें परेशान कर रही हैं। जमाखोरी के बहाने सरकारी अधिकारी कारोबारियों का दोहन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में उन्होंने जमाखोरी रोकने के नाम पर सरकार द्वारा उठाए गए तथाकथित अव्यवहारिक कदम के विरोध में हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। कारोबारियों के इस फैसले से प्याज व टमाटर की कीमतों में तेजी आने की संभावना बढ़ गई हैं। सूत्रों के अनुसार कारोबारियों के हड़ताल पा जाने की सूचना के बाद सरकारी हल्कों में खलबली मच गई है। संबंधित विभागों के अधिकारी लगातार कारोबारियों से संवाद कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि कारोबारी किसी भी तरह से अपने निर्णय को टाल को दे। मंडी के कारोबारियों ने मंगलवार के दोपहर में ही इस बात के संकेत दे दिए थे। इसके बाद सरकारी अधिकारी उनसे अप्रत्यक्ष रूप से अपना संवाद स्थापित करते रहे। लेकिन शाम तक बात नहीं बनी और देर शाम तक कारोबारियों की चली बैठक के बाद प्याज, टमाटर व लहसन के कारोबारियों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय ले लिया। प्याज कारोबारियों व सरकार के बीच कोई सार्थक संवाद स्थापित नहीं हुआ तो अन्य मंडी के अन्य सब्जियों व फलों के कारोबारी भी हड़ताल के समर्थन में उतर कर कारोबार को ठप रख सकते हैं। परेशान कर रही सरकार : राजेंद्र आजादपुर मंडी के आलू प्याज मर्चेट एसोसिएशन के महासचिव राजेंद्र शर्मा एवं भारतीय किसान उत्थान समिति के महासचिव विजेन्द्र यादव कहते हैं कि इस साल प्याज का उत्पादन कम हुआ है। बेमौसम बारिश के कारण महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान आदि राज्यों में प्याज की फसलें खराब हो गई हैं। सरकार की एजेंसी ही कह रही है कि महाराष्ट्र में प्याज की 70 फीसदी फसलों को नुकसान हुआ है। प्याज की कमी के कारण ही प्याज की कीमतें बढ़ी हुई हैं। लेकिन सरकार इस बात को नजरअंदाज कर कारोबारियों को सस्ते दरों पर प्याज बेचने के लिए दबाब डाल रही है। उनके अनुसार किसान सस्ती दरों पर कारोबारियों के हाथों प्याज बेचने का तैयार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मंडी में प्याज की कहीं कोई जमाखोरी नहीं है। बावजूद इसके आयकर विभाग व खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी छापेमारी कर मंडी के कारोबारियों के बीच आतंक का माहौल का पैदा कर दिया है। हड़ताल का फैसला गलत इस बीच आजादपुर कृषि उत्पाद विपणन कमेटी के सचिव राजकुमार ने कारोबारियों के हड़ताल के फैसले को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि कारोबारियों द्वारा हड़ताल पर जाने का कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्हें अपने सूत्रों से इस बात की जानकारी मिली है।